स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत "मिशन- स्वच्छ रांची" की दिशा में पहल, रांची नगर निगम ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के लिए तैयारियों को किया तेज, प्रशासक ने दिए सख्त निर्देश

The Ranchi News
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संवाददाता: रेखा प्रजापति

रांची: स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 (10वां संस्करण) के तहत रांची नगर निगम ने शहर को स्वच्छ, सुंदर एवं गार्बेज फ्री सिटी बनाने की दिशा में अपनी तैयारियों को और अधिक सुदृढ़ कर दिया है। इसी क्रम में दिनांक 11.02.2026 को प्रशासक श्री सुशांत गौरव की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक का मुख्य उद्देश्य स्वच्छ सर्वेक्षण के विभिन्न इंडिकेटर्स पर गहन चर्चा करते हुए शहर की वर्तमान स्थिति का आकलन करना तथा गैप असेसमेंट के माध्यम से आवश्यक सुधारात्मक कार्यों को चिन्हित करना था। प्रशासक महोदय ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी विभाग माइक्रो लेवल मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें तथा प्रत्येक गतिविधि को समयबद्ध तरीके से क्रियान्वित करें।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि शहर की जीवन गुणवत्ता को बेहतर बनाने का अभियान है। इसलिए प्रत्येक पदाधिकारी एवं कर्मी अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण तत्परता, समर्पण एवं जवाबदेही के साथ करें।

* डोर-टू-डोर कुडा संग्रहण व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश-

> बैठक में शत-प्रतिशत डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गयज्ञ

> बीट प्लान के अनुरूप ट्रंक रूट, लेन एवं बाई लेन रूट की प्लानिंग को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए।

➤ कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों की समय-सारणी निर्धारित कर नागरिकों को पूर्व सूचना देने तथा प्रत्येक वाहन में जिंगल बजाना अनिवार्य करने को कहा गया, ताकि नागरिक समय पर कचरा सौंप सकें।

> स्रोत पर कचरा पृथक्करण (गीला एवं सूखा कचरा अलग करना) को प्राथमिकता देने तथा जनजागरूकता अभियान चलाने पर बल दिया गया।

> बल्क वेस्ट जनरेटर्स (होटल, अपार्टमेंट, संस्थान आदि) की निगरानी बढ़ाने एवं गीले कचरे के ऑन-साइट निस्तारण को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए।

> सभी एमआरएफ (Material Recovery Facility) केंद्रों में प्रतिदिन प्राप्त कचरे का निष्पादन सुनिश्चित करने एवं निष्क्रिय केंद्रों को शीघ्र सक्रिय करने को कहा गया।

* एक्सेस टू सैनिटेशनः स्वच्छ और सुलभ शौचालय व्यवस्था-

> सभी सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौचालयों की तीन शिफ्ट में नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। पेयजल, प्रकाश, साफ-सफाई, साबुन आदि सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

> नागरिक फीडबैक हेतु प्रत्येक शौचालय में क्यूआर कोड आधारित प्रणाली अनिवार्य रूप से लागू हो।

> स्कूल प्रबंधन के साथ समन्वय स्थापित कर विद्यालयों में स्वच्छता एवं शौचालयों की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए।

> खुले में शौच करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते करे।

* विजिबल क्लीनलीनेसः शहर में साफ-सफाई का स्पष्ट प्रभाव-

> शहर की विजिबल क्लीनलीनेस को बेहतर बनाने हेतु व्यापक विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। सभी सार्वजनिक स्थलों, प्रमुख मार्गों, पार्को, बाजारों एवं गली-मोहल्लों में नियमित विशेष सफाई अभियान चलाया जाए।

> गार्बेज वल्नरेबल पॉइंट्स (GVPS) की पहचान कर वहां नियमित सफाई एवं निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।

> डंप कचरे के स्थलों को पूर्णतः समाप्त कर सौंदर्गीकरण कार्य किए जाएंगे।

* नागरिक सहभागिता पर विशेष जोरः

प्रशासक महोदय ने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण में उत्कृष्ट रैंकिंग केवल प्रशासनिक प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए जनसहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी सम्मानित नागरिकों से अपील की कि घरों में कचरे का पृथक्करण अवश्य करें एवं

सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी न फैलाएं। स्वच्छता से जुड़े नियमों का पालन करें और दूसरों को भी प्रेरित करें।

बैठक में अपर प्रशासक श्री संजय कुमार, सहायक प्रशासक, सहायक लोक स्वास्थ्य पदाधिकारी, नगर प्रबंधक, सैनिटरी सुपरवाइजर, स्वच्छता समन्वयक, स्वच्छता अधीक्षक एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

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