रांची: झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन सोसाइटी (JSLPS) के तत्वावधान में आज दिनांक 12 सितंबर 2025 को उप विकास आयुक्त, राँची, श्री सौरभ कुमार भुवानिया ने पलाश वेंडिंग मशीन एवं आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेसवे योजना का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर उन्होंने दो मालवाहक वाहनों को हरी झंडी दिखाकर योजना का औपचारिक उद्घाटन किया। यह पहल ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने और उनकी आजीविका को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
*पलाश वेंडिंग मशीन: ग्रामीण उत्पादों को बाजार तक पहुँचाने की नई पहल*
पलाश वेंडिंग मशीन योजना का उद्देश्य स्वयं सहायता समूह (SHG) की दीदियों द्वारा उत्पादित कृषि और अन्य उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुँचाना है। इस नवाचार के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पादित ताजा और गुणवत्तापूर्ण सामग्री को शहरी बाजारों तक आसानी से पहुँचाया जा सकेगा। यह न केवल दीदियों की आय में वृद्धि करेगा, बल्कि उपभोक्ताओं को भी ताजा और स्थानीय उत्पाद उपलब्ध कराएगा।
*आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेसवे योजना: सुदूर क्षेत्रों को जोड़ने का प्रयास*
आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेसवे योजना के तहत सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों को यातायात सुविधा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना के अंतर्गत दो मालवाहक वाहनों का शुभारंभ किया गया, जो ग्रामीण उत्पादों को बाजार तक पहुँचाने और सखी मंडलों को नए आजीविका अवसर प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक अभिनव प्रयास है।
*यह योजना ग्रामीण महिलाओं के लिए एक नया द्वार खोलती है*
कार्यक्रम के दौरान उप विकास आयुक्त श्री सौरभ कुमार भुवनिया ने मरधान आजीविका संकुल संगठन और तामाड़ आजीविका संकुल संगठन की दीदियों को संबोधित करते हुए कहा, “यह योजना ग्रामीण महिलाओं के लिए एक नया द्वार खोलती है। वाहनों के नियमित संचालन और लेखा-जोखा के पारदर्शी प्रबंधन से न केवल आय में वृद्धि होगी, बल्कि दीदियों को आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत आधार भी मिलेगा।” उन्होंने सखी मंडलों को इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने और अपने उत्पादों को बाजार में स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया।
इस अवसर पर निदेशक डी.आर.डी.ए. राँची, श्री सुदर्शन मुर्मू, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) मनरेगा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM) रांची श्री निशिकांत नीरज, जिला प्रबंधक (स्किल), DMMU के सभी स्टाफ, तामाड़ प्रखंड के BPM, मरधान और तामाड़ आजीविका संकुल संगठनों की दीदियाँ और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। सभी ने इस पहल की सराहना की और इसे ग्रामीण विकास की दिशा में एक मील का पत्थर बताया।
*झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर सृजित करने और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम*
पलाश वेंडिंग मशीन और आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेसवे योजना झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर सृजित करने और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी, बल्कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में भी योगदान देगी।
