चतरा के एक डीएसपी और दो थाना प्रभारी का मोबाइल जब्त कर कोर्ट रूम में बिठाया गया, छात्र को थाने में अवैध रूप से रखने का है मामला

The Ranchi News
3 Min Read

रांचीः खाकी वर्दी पहनने वाले अक्सर भूल जाते हैं कि उन्हें ये वर्दी कानून को बहाल रखने के लिए दी गई है ना कि मनमानी करने के लिए. ऐसा करने वालों को खामियाजा भी भुगतना पड़ता है. मामला है चतरा जिला के डीएसपी, टंडवा थाना और लावालौंग थाना के प्रभारी से जुड़ा हुआ. इन तीनों को हाईकोर्ट रूम में बिठा दिया गया और उनके मोबाइल भी जब्त कर लिए गए. हाईकोर्ट के अधिवक्ता धीरज कुमार ने बताया कि मामले की अगली सुनवाई 13 फरवरी को होगी. उस दिन तीनों पुलिस पदाधिकारियों को कोर्ट में उपस्थित रहना है.

दरअसल, चतरा के लावालौंग थाना की पुलिस ने मैट्रिक के छात्र को अवैध रूप में हिरासत में रखा था. लड़के की मां ने हेवियस कॉर्पस दायर किया था. इसपर सुनवाई के दौरान जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस एके राय की खंडपीठ ने मामले को गंभीर बताते हुए तीनों पुलिस पदाधिकारियों को कोर्ट रूम में बैठे रहने का आदेश दे दिया. इस दौरान तीनों के मोबाइल भी जब्त कर लिए गए.

खंडपीठ ने पुलिस पदाधिकारियों से पूछा कि 26 जनवरी की मध्य रात्रि जब बच्चे को उठाया गया तो पूछताछ के बाद तुरंत क्यों नहीं छोड़ा गया. उसे 10 दिनों तक अवैध रूप से हिरासत में क्यों रखा गया. दरअसल, बच्चे को लावालौंग पुलिस ने उठाकर टंडवा पुलिस को सौंप दिया था. खंडपीठ ने पूछा कि जब टंडवा थाना में कांड संख्या 26/2026 दर्ज है और उसी मामले में पूछताछ के लिए बुलाया गया तो क्या केस डायरी में इसका जिक्र है. डीएसपी ने बताया कि स्टेशन डायरी में इस बात का जिक्र है, लेकिन खंडपीठ के आदेश पर चतरा के एसपी फोन से जुड़े और केस डायरी पढ़कर कोर्ट को सुनाया.

इससे स्पष्ट हो गया कि जिस युवक को पूछताछ के लिए उठाया गया था, उसका पूरा ब्योरा केस डायरी में था. इसपर खंडपीठ ने अनुसंधानकर्ता को केस डायरी प्रस्तुत करने का आदेश देते हुए सुनवाई की अगली तारीख 13 फरवरी तय की है. अगली सुनवाई में भी सभी को सशरीर उपस्थित रहना है. सुनवाई के बाद सभी पुलिस पदाधिकारियों को मोबाइल वापस कर दिया गया

Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *