हजारीबाग:- राजभाषा कार्यालय, उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल हजारीबाग के तत्वाधान में 15 सितंबर सोमवार को आयुक्त कार्यालय सभाकक्ष में अपराहन 3:00 बजे से “हिंदी दिवस सप्ताह समारोह” आयोजित की गई। कार्यक्रम की विधिवत शुरूवात प्रमंडलीय आयुक्त श्री पवन कुमार, मुख्य अतिथि पूर्व विभागाध्यक्ष स्नाकोत्तर हिंदी विभाग डॉ विजयकांत घर दुबे, आयुक्त के सचिव श्री बासुदेव प्रसाद संग अन्य ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। समारोह में अधिकारियों एवं कर्मियों ने हिंदी भाषा के संवर्धन, सरलीकरण एवं व्यवहारिक प्रयोग पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में हिंदी भाषा की महत्ता, उसके राष्ट्रभाषा स्वरूप तथा सरकारी कार्यों में हिंदी के अधिकतम प्रयोग पर बल दिया गया।
मुख्य अतिथि डॉ. दुबे ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदी केवल भाषा ही नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान और एकता का सेतु है। उन्होंने हिंदी को जन-जन की भाषा बताते हुए इसके प्रचार-प्रसार के लिए अधिक प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसी भी देश में एक ही भाषा को ‘राष्ट्रभाषा’ और ‘राजभाषा’ दोनों रूपों में प्रयुक्त करना उचित नहीं माना जा सकता। राज्य भाषा किसी अन्य राज्यों की भी भाषा हो सकती है, किंतु राष्ट्रभाषा हमेशा इस देश की मिट्टी से उपजी होती है। उसमें देश की खुशबू होती है और उसे पूरे तन-मन से अपनाया जा सकता है, जबकि राज्य भाषा के साथ ऐसा नहीं हो सकता।
आयुक्त ने भी हिंदी दिवस के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि सरकारी कार्यों में हिंदी का प्रयोग बढ़ाना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी से अपील की कि कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रयोग को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि ऐसे तो हिंदी जनमान्य एवं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने की भाषा है। लेकिन हिंदी के कुछ तकनीकी शब्द ऐसे हैं, जिनका हिंदी रूपांतरण शुद्ध नहीं माना जाता। किंतु संस्कृत विषय को अक्षुण्ण कैसे रखा जाए, इस विषय पर चिंतन करने की आवश्यकता है। हिंदी में नए शब्दों की रचना पर ध्यान देना भी जरूरी है, ताकि हिंदी के स्वरूप को सुरक्षित रखा जा सके। हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों को उनकी राज्यभाषा का ज्ञान उसी प्रकार देना चाहिए, जिस प्रकार हम अन्य भाषाओं का ज्ञान देते हैं। तभी हमारी यह भाषा बचेगी और तभी हमारी गीता, महाभारत एवं कुरान भी संरक्षित रहेंगी।
कार्यक्रम में हिंदी सप्ताह के दौरान विभिन्न लोगों ने अपनी कविताओं एवं वक्तव्यों के माध्यम से हिंदी के महत्व को साझा किया।
*हिंदी दिवस कार्यक्रम में डाॅ. प्रमिला गुप्ता की पुस्तक ” बहारों के पार का बसंत” का विमोचन आयुक्त महोदय के द्वारा किया गया।*
उक्त समारोह में डॉ मनोज कुमार, डॉ तनवीर, शिक्षिका प्रमिला गुप्ता, कार्यालय पदाधिकारीगण, कर्मचारीगण एवं सामान्यजन शामिल रहें।
