हजारीबाग :- झारखण्ड राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर पुलिस अधीक्षक, हजारीबाग के नेतृत्व में बरही अनुमण्डल क्षेत्र में डायन बिसाही कुप्रथा जागरूकता अभियान संचालित किया गया। इस अभियान में लगभग दो हजार स्कूली बच्चों की भागीदारी के साथ 05 किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बनाई गई। कार्यक्रम के दौरान बच्चों एवं प्रतिभागियों ने हाथों में तख्तियां, बैनर और पोस्टर लेकर लोगों को डायन बिसाही जैसी कुप्रथा एवं अफवाहों से बचने का संदेश दिया।
यह जागरूकता रैली बरही गोलचक्कर से धनबाद रोड, तिलैया रोड और हजारीबाग रोड तक निकाली गई। पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा सभी विद्यालयों के छात्र–छात्राओं को सांकेतिक रूप से पौधे वितरित किए गए, ताकि वे अपने घरों में पौधे लगाकर इस कुरीति के उन्मूलन का संकल्प याद रख सकें।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक, हजारीबाग ने कहा कि डायन प्रथा समाज की गंभीर कुप्रथा है, जिस पर रोक लगाना आवश्यक है। डायन प्रतिषेध अधिनियम, 2001 में इस तरह की प्रताड़ना करने पर सजा का स्पष्ट प्रावधान है। यह कुरीति न केवल महिलाओं बल्कि पूरे समाज को नकारात्मक विचारधारा से प्रभावित करती है। उन्होंने अपील की कि यदि कहीं भी इस प्रकार की कोई घटना दिखे तो तत्काल स्थानीय थाना को सूचित कर जिम्मेदार नागरिक का दायित्व निभाएँ।
*इस कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख अधिकारी:*
1. श्री श्रुति (भा.पु.से.), प्रशिक्षण पुलिस अधीक्षक, हजारीबाग
2. अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी, बरही
3. थाना प्रभारी – बरही, चौपारण, पदमा, बरकठा, गोरहर
4. पुलिस निरीक्षक, बरही साथ ही बरही
5. अनुमंडल के विभिन्न विद्यालयों—आईलेक्स स्कूल, प्रोजेक्ट बालिका विद्यालय, सनराइज स्कूल, हाई स्कूल बरही, आर.एन.वाई. कॉलेज, भमाशाह स्कूल, श्रीदास इंटरनेशनल स्कूल, कस्तूरबा गांधी विद्यालय, रॉयल ऑर्किड स्कूल, काट स्कूल, श्रडङ स्कूल पदमा—के छात्र एवं छात्राएँ तथा सभी संबंधित थानों के पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिसकर्मी उपस्थित रहे।
