रांची: बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान (बीआईटी), मेसरा के प्रबंधन अध्ययन विभाग ने आज कर्तव्य 25 का सफलतापूर्वक आयोजन किया, जो एक प्रमुख सस्टेनेबिलिटी-आधारित केस स्टडी प्रतियोगिता है। छात्र निकाय ‘टीम सस्टेनेबिलिटी’ द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम ने ‘सर्कुलर इकोनॉमी और सस्टेनेबल इनोवेशन’ (चक्रीय अर्थव्यवस्था और सतत नवाचार) विषय के तहत देश भर के प्रतिभाशाली छात्रों को गंभीर पर्यावरणीय चुनौतियों का समाधान करने के लिए एक मंच पर लाया।

इस प्रतियोगिता को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली, जिसमे विभिन्न भारतीय संस्थानों से 100 से अधिक टीमों ने पंजीकरण कराया। एक कठोर चयन प्रक्रिया के बाद, 21 फाइनलिस्ट टीमों ने बीआईटी मेसरा परिसर में अपने अभूतपूर्व समाधान प्रस्तुत किए। प्रस्तुतियों में विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया, जैसे:
– धान के पुआल के लिए अभिनव ‘कचरे से धन’ मॉडल
– भारत में सर्कुलर इकोनॉमी के लिए रूपरेखा
– ईवी बैटरी प्रौद्योगिकी में सस्टेनेबल इनोवेशन

इस कार्यक्रम में सम्मानित संकाय सदस्यों की उपस्थिति रही। कर्तव्य 25 के संकाय समन्वयक डॉ. आनंद प्रसाद सिन्हा ने मुख्य अतिथियों, डॉ. सुप्रियो रॉय (विभागाध्यक्ष) और डॉ. नीरज मिश्रा (सहायक प्रोफेसर) को पौधे भेंट कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया, जो इस आयोजन के मूल सिद्धांत का प्रतीक है।
प्रस्तुत समाधानों का मूल्यांकन एक प्रतिष्ठित जूरी पैनल द्वारा किया गया, जिसमें डॉ. सुजाता प्रियंबदा दाश, डॉ. नम्रता निगम, डॉ. दिलीप कुमार सिंह, श्री शैलेंद्र कुमार सिंह, डॉ. आनंद प्रसाद सिन्हा, और डॉ. पवन कुमार तिवारी शामिल थे।
पूरे दिन की आकर्षक प्रस्तुतियों और सावधानीपूर्वक विचार-विमर्श के बाद, कार्यक्रम का समापन हुआ।
समारोह में हुआ जहाँ विजेताओं की घोषणा की गई:
1. Biod (Reva University, Bengalurul
2. Think Tank (BIT Lalpur)
3. Green Infinity & Azeedo (GSMS Dhanbad & BIT Mesral
4. Consolation Prize Inquisitors and Ameya (IIM Ranchi & BIT Lalpur)
अंत में ‘टीम सस्टेनेबिलिटी’ की अध्यक्ष छवि जैन ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों, जूरी सदस्यों और विभाग को कर्तव्य’ 25 को एक सफल आयोजन बनाने के लिए अपना आभार व्यक्त किया।
