राँची:-उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, राँची श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आज दिनांक-20 जनवरी 2025 को समाहरणालय ब्लॉक बी अवस्थित सभागार में सभी अंचल अधिकारियों एवं अंचल निरीक्षकों के साथ राजस्व कार्यों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में लंबित राजस्व मामलों, भूमि सुधार कार्यों एवं संबंधित प्रक्रियाओं की प्रगति की गहन समीक्षा करना तथा इनके त्वरित निष्पादन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करना था।
बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी सदर राँची श्री रजत कुमार, अपर समाहर्ता राँची श्री रामनारायण सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी बुंडू, भूमि सुधार उप समाहर्ता (LRDC) राँची एवं बुंडू तथा अन्य संबंधित वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।
*समीक्षा के दौरान निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई:*
– दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) मामलों की स्थिति एवं लंबित आवेदनों का शीघ्र निपटारा।
– सीमांकन, परिशोधन एवं भूमि सर्वेक्षण संबंधी प्रगति।
– अतिक्रमण हटाने, सरकारी भूमि की सुरक्षा एवं जल स्रोतों से अतिक्रमण मुक्ति के प्रयास।
– विभिन्न विभागों द्वारा मांगे गए भूमि संबंधी प्रतिवेदनों का समयबद्ध निष्पादन।
– जनता दरबार में प्राप्त शिकायतों एवं राजस्व पोर्टल पर लंबित आवेदनों की अद्यतन स्थिति।
*तय तिथि से अधिक कोई आवेदन को लंबित रखने पर वैसे कर्मचारियों के ऊपर सीधी कार्रवाई की जाएगी*
उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व संबंधी सभी कार्यों को पूर्ण पारदर्शिता, समयबद्धता एवं जन-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ संपादित किया जाए। उन्होंने कहा कि आम जनता से जुड़े राजस्व एवं भूमि सुधार कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता या विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लंबित मामलों के निपटारे के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित करने एवं नियमित अनुवर्तन (फॉलो-अप) सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। अगर तय तिथि से अधिक कोई आवेदन को लंबित रखने पर वैसे कर्मचारियों के ऊपर सीधी कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त ने सभी अंचल अधिकारियों एवं निरीक्षकों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्र में राजस्व व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहें, ताकि आम नागरिकों को भूमि एवं राजस्व संबंधी सेवाएं सुगमता से प्राप्त हो सकें।
यह बैठक जिला प्रशासन की उस प्रतिबद्धता का हिस्सा है, जिसमें जनता के हित में राजस्व प्रक्रियाओं को सरल, तेज एवं पारदर्शी बनाने पर निरंतर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
