YBN विश्वविद्यालय रांची ने NEP 2020 और विकसित भारत पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया (22-23 दिसंबर 2025)

The Ranchi News
4 Min Read

राँची:-“नई दिशा की खोज: NEP-2020 को समकालीन विश्वविद्यालय शिक्षा और विकसित भारत के साथ एकीकृत करना” विषयक दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार के प्रथम दिवस का आयोजन झारखंड के रांची स्थित वाई.बी.एन. विश्वविद्यालय द्वारा 22 दिसंबर 2025 को बड़े शैक्षणिक उत्साह और भागीदारी के साथ सफलतापूर्वक किया गया।

उद्घाटन सत्र की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन से हुई, जो ज्ञान की खोज का प्रतीक है, उसके बाद विश्वविद्यालय कुलगीत गाया गया। वाई.बी.एन. विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) सत्यदेव पोद्दार ने स्वागत भाषण दिया, जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की उच्च शिक्षा को बदलने और विकसित भारत के दृष्टिकोण से जोड़ने की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर श्री रामजी यादव ने उद्घाटन भाषण दिया, जिसमें उन्होंने सभी गरिमामय व्यक्तियों, अतिथियों, शैक्षणिक विद्वानों और प्रतिभागियों का हार्दिक स्वागत किया, धन्यवाद ज्ञापित किया तथा राष्ट्रीय सेमिनार के उद्देश्यों पर जोर दिया।

सीएमडी डॉ. अंकिता यादव, मुख्य अतिथि पद्मश्री अशोक भगत, सम्मानित अतिथि प्रो. (डॉ.) साकेत कुशवाहा (लद्दाख विश्वविद्यालय के कुलपति), प्रो. (डॉ.) प्रमोद कुमार वर्मा (महर्षि माहेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय, जबलपुर के कुलपति), प्रो. (डॉ.) मनोज कुमार सिन्हा (धर्मशास्त्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, जबलपुर), प्रो. (डॉ.) विजय कुमार करण (डीएसडब्ल्यू, नवा नालंदा बिहार, नालंदा), श्री धर्मेंद्र सिंह (फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के कार्यकारी परिषद सदस्य), डॉ. राजत शर्मा (जी.डी. गोइंका विश्वविद्यालय के कंप्यूटर साइंस विभाग प्रमुख), डॉ. बिश्वेंदु भट्टाचार्जी (यूएनआई के वरिष्ठ संवाददाता) तथा डॉ. राजीव प्रसाद (एशिया प्रशांत के लिए भौगोलिक प्रतिनिधि- विश्व ऑप्टोमेट्री परिषद) ने समागम को संबोधित किया और सेमिनार के उद्देश्यों तथा महत्व पर अपने विचार साझा किए। मुख्य व्याख्यान प्रो. (डॉ.) विजय कुमार करण ने दिया, जिन्होंने NEP-2020 के संदर्भ में नवीन शैक्षणिक प्रथाओं, बहु-विषयी शिक्षा तथा शोध-आधारित शिक्षण पर जोर दिया।

पद्मश्री अशोक भगत जी ने अध्यक्षीय भाषण दिया, जिसमें उन्होंने समावेशी शिक्षा, सामाजिक जिम्मेदारी तथा विकसित भारत के दृष्टिकोण के तहत विश्वविद्यालयों की राष्ट्र-निर्माण में भूमिका पर अपने प्रेरक विचारों से श्रोताओं को प्रेरित किया।

उद्घाटन सत्र संयोजक प्रो. (डॉ.) आशीष सरकार द्वारा प्रस्तावित धन्यवाद ज्ञापन के साथ समाप्त हुआ, जिसमें उन्होंने गरिमामय व्यक्तियों, प्रतिभागियों तथा आयोजन सदस्यों के योगदान की सराहना की। चाय विराम के बाद एक विशेष विषयगत शैक्षणिक सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विद्वानों और संकाय सदस्यों ने NEP-2020 तथा समकालीन विश्वविद्यालय शिक्षा के विभिन्न आयामों पर चर्चा की। विभिन्न अनुशासनों के शोध विद्वान, संकाय सदस्य और छात्रों ने ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों मोड में सक्रिय रूप से भाग लिया तथा अपने शोध दृष्टिकोण साझा किए।

सांस्कृतिक समृद्धि के लिए विश्वविद्यालय की सांस्कृतिक समिति द्वारा एक सांस्कृतिक प्रदर्शन का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों के छात्रों ने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हुए जीवंत प्रदर्शन प्रस्तुत किए। छात्रों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया, जिससे शैक्षणिक वातावरण में ऊर्जा और रचनात्मकता का संचार हुआ।

सेमिनार का प्रथम दिवस सफलतापूर्वक समाप्त हुआ, जिसने द्वितीय दिवस के लिए निर्धारित शैक्षणिक चर्चाओं के लिए मजबूत आधार तैयार किया।

The Ranchi News की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें

Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *