रांची: – फ़ार्मासिस्टों के योगदान को सराहने के लिए हर साल 25 सितंबर को विश्व फ़ार्मासिस्ट दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य चिकित्सा के क्षेत्र में फार्मासिस्टों की भूमिका का सम्मान करना है।
धुर्वा स्थित पारस एचईसी अस्पताल में इस वर्ष भी 25 सितंबर को विश्व फ़ार्मासिस्ट दिवस मनाया गया जिसमें उनका योगदान की सराहना करते हुए सम्मानित किया गया l
वर्ष 2025 का थीम *”स्वास्थ्य के बारे में सोचें, फार्मासिस्ट के बारे में सोचें”* है।
पारस एचईसी अस्पताल के फैसिलिटी निदेशक डॉ नीतेश कुमार ने कहा कि विश्व फ़ार्मासिस्ट दिवस पर स्वास्थ्य व्यवस्था को मज़बूत बनाने में फ़ार्मासिस्टों की भूमिका बहुत अहम होती है। फार्मासिस्ट का मतलब दवा की सप्लाई चैन सिस्टम को मजबूत करना है। फ़ार्मासिस्ट, दवाओं के बारे में सबसे ज़्यादा जानते हैं। फ़ार्मासिस्ट, मरीज़ों को दवाएं लेने के बारे में सलाह देते हैं और दवाओं के संभावित दुष्प्रभावों के बारे में चेतावनी देते हैं। फ़ार्मासिस्ट, दवाओं के गुणवत्ता नियंत्रण में भी अहम भूमिका निभाते हैं।
पारस हॉस्पिटल के सीनियर मैनेजर अनूप ठाकुर ने कहा एक फार्मासिस्ट लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए अपने सभी कर्तव्य करता है, जिसमें दवा की सही पहचान, उसकी रीस्टॉकिंग, एक्सपायरी डेट और दवाओं की उपलब्धता आदि शामिल है, ताकि किसी भी व्यक्ति के स्वास्थ्य पर इसका कोई गलत प्रभाव न पड़े।
