रांची, 5 सितम्बर 2025 : वरिष्ठ शिक्षक शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ होते हैं। वे न केवल शैक्षणिक मार्गदर्शक होते हैं बल्कि भावी पीढ़ी के शिक्षकों के लिए प्रेरणा स्रोत भी। अपने अनुभव और मार्गदर्शन से वे युवा शिक्षकों को प्रोत्साहित करते हैं और पूरी शिक्षण समुदाय की क्षमता को सुदृढ़ बनाते हैं।
रांची स्थित हेल्थ पॉइंट हॉस्पिटल के प्रसिद्ध आर्थोपेडिक डॉ. अनुप मोहन नायर ने इस शिक्षक दिवस पर 55 वर्ष और उससे अधिक आयु के शिक्षकों के सम्मान में विशेष समारोह आयोजित किया। इस आयोजन का उद्देश्य उन वरिष्ठ शिक्षकों के अमूल्य योगदान को नमन करना था, जिन्होंने अपने ज्ञान, समर्पण और आजीवन प्रयास से पीढ़ियों को शिक्षित और संस्कारित किया है।
55 वर्ष से अधिक आयु के शिक्षकों को अक्सर कई शारीरिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इनमें जोड़ों का दर्द, गठिया, रीढ़ या कमर की समस्याएँ शामिल हैं, जो लंबे समय तक खड़े रहने या बैठने के कारण बढ़ जाती हैं।
डॉ. नायर ने सलाह दी कि नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, योग, हल्के व्यायाम और तनाव प्रबंधन कार्यशालाएँ वरिष्ठ शिक्षकों की सेहत को बेहतर बना सकती हैं तथा जीवनशैली संबंधी रोगों पर नियंत्रण ला सकती हैं।
डॉ. अनुप मोहन नायर कहा, “शिक्षक समाज के सच्चे शिल्पकार हैं। यह उत्सव केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उनकी निःस्वार्थ सेवा, त्याग और उस अमिट धरोहर को श्रद्धांजलि है, जिसे वे पीछे छोड़ते जाते हैं।”
यह शिक्षक दिवस समारोह इस तथ्य का स्मरण कराता है कि समय के साथ कक्षाएँ और पद्धतियाँ भले ही बदल जाएँ, लेकिन शिक्षकों द्वारा दिए गए मार्गदर्शन और मूल्य सदा अमर रहते हैं।
